योगी आदित्यनाथ सरकार शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के बढ़े मानदेय पर प्रति वर्ष लगभग 1480 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद दोनों वर्गों को क्रमशः 18,000 और 17,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। यह भुगतान प्रत्येक शैक्षिक सत्र में 11 माह के लिए होगा और बढ़ी दरें एक अप्रैल से लागू होंगी।
राज्य सरकार के अनुसार, अतिरिक्त व्यय का वहन केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी। वित्तीय प्रावधानों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विधानमंडल सत्र के दौरान की गई घोषणा के बाद संबंधित विभागों को कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र और अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं, जो परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य में सहयोग करते हैं। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग उठती रही थी। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कार्यरत कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा।
बढ़े हुए मानदेय से राज्य के बजट पर अतिरिक्त भार पड़ेगा, लेकिन सरकार का दावा है कि शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।